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IIT बॉम्बे के छात्रों ने बनाई बेहद तेज़ रफ्तार इलैक्ट्रिक कार, 2.8 सेकंड में 0-100 kmph स्पीड

EVoX नाकम नई इलैक्ट्रिक रेस कार को IIT बॉम्बे के फॉर्मुला स्टूडेंट टीम ने डेवेलप किया है और कार अपकमिंग स्टूडेंट कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वाली है.

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इलैक्ट्रिक रेस कार को IIT बॉम्बे के फॉर्मुला स्टूडेंट टीम ने डेवेलप किया है

IIT बॉम्बे रेसिंग नाम की छात्रों की एक टीम 6वीं जनरेशन इलैक्ट्रिक रेस कार बनाई है जो IIT बॉम्बे के स्टूडेंट्स हैं. EVoX नाकम इस नई इलैक्ट्रिक रेस कार को फॉर्मुला स्टूडेंट टीम ने डेवेलप किया है और यह कार अपकमिंग स्टूडेंट कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने वाली है जो ब्रिटिश ग्रैन प्री के दौरान यूनाइटेड किंगडम के सिल्वरस्टोन सर्किट में आयोजित की जाएगी. इस स्पर्धा का आयोजन इंस्टिट्यूट ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स  करेगी और यह आयोजन दुनियाभर के छात्रों में होने वाला सबसे बड़ा स्टूडेंट मोटरस्पोर्ट इवेंट है. इस स्पर्धा में लगभग 95 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं और इसमें हिस्सा लेने के लिए छात्रों को एक साल के समय में सिंगल सीटर रेस कार डिज़ाइन करने के साथ बनानी भी होती है.
 
IIT बॉम्बे रेसिंग की नई कार EVoX को बनाने में इंस्टीट्यूट के 60 से ज़्यादा छात्रों ने इंजीनियरिंग की अलग-अलग फील्ड से सहयोग किया है. यह सिंगल सीटर इलैक्ट्रिक कार बेहद तेज़ रफ्तार है और महज़ 2.88 सेकंड में ही 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है जो इसे फिलहाल इस्तेमाल ही जा रही फॉर्मुला वन ई-रेस कार से भी तेज़ बनाता है. इसकी तेज़ रफ्तार इसे बाकी कई सारी इलैक्ट्रिक कारों से भी तेज़ बनाती है जिनमें BMW i8 (4.40 सेकंड), ऐस्टन मार्टिन रैपिड ई (3.00 सेकंड), शामिल हैं, वहीं टैस्ला की मॉडल S P100D अब भी दुनिया की सबसे तेज़ रफ्तार इलैक्ट्रिक कार बनी हुई है जो सिर्फ 2.27 सेकंड में ही 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है.

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EVoX में 40 KQ इलैक्ट्रिक मोटर लगाई गई है, वहीं कार का डिज़ाइन स्टूडेंट्स ने मिलकर किया है. इसमें खुदका बनाया हुआ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, टाइटेनियम अपराइट्स और एयरोडायनामिक विंग्स शामिल हैं. IIT बॉम्बे के छात्रों की इच्छा है कि टैस्ला की तर्ज़ पर भारत में भी इलैक्ट्रिक स्पोर्ट कार तकनीक डेवेलप की जाए. इसका लक्ष्य भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' को आगे बढ़ाना और 2030 तक भारत में वाहनों के इलैक्ट्रिफिकेशन में सहयता करना है. बता दें कि IIT बॉम्बे की टीम ने इस मुकाबले में पहले ही अपना वर्चस्व कायम कर रखा है और दुनियाभर के स्टूडेंट्स के बीच होने वाले इस मुकाबले में लगातार 4 साल से विजेता बनी हुई है.

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