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अब पेट्रोल-डीजल डलवाने के बाद पंप पर नहीं देने होंगे पैसे, जाने कैसे होगा मुमकिन

कैश के बिना ही सारा काम कर लेने की इच्छा रखने वालों के लिए अच्छी खबर है, पेट्रोल-डीजल स्टेशन पर अब कैशलेस पेमेंट सिस्टम लगाया जाने लगा है.

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HP-फास्टलेन RFID के इस्तेमाल से वाहनों को स्वतः ही पहचान लेगी

Highlights

  • फास्टलेन और AGS ने HP के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है
  • HP-फास्टलेन RFID के इस्तेमाल से वाहनों को स्वतः ही पहचान लेगी
  • फिलहाल मुंबई में 18 इल्तेमाल के लाइव HP-फास्टलेन पंप मौजूद हैं

कैशलेस तकनीक पूरी दुनिया पर छाई हुई है और बहुत सारे लोग अब सिर्फ इसी माध्यम से पेमेंट करना पसंद करते हैं. कैश के बिना ही सारा काम कर लेने की इच्छा रखने वालों के लिए अच्छी खबर है, पेट्रोल-डीजल स्टेशन पर अब कैशलेस पेमेंट सिस्टम लगाया जाने लगा है. फास्टलेन और एजीएस ट्रांसैक्ट टैक्नोलॉजीस लिमिटेड (AGSTTL) ने आज हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) से स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की है. HP-फास्टलेन के ज़रिए ऑटोमैटिक व्हीकल आइडेंटिफिकेशन से RFID तकनीक का इस्तेमाल करके ग्राहकों तक बिना कैश के इंधन मुहैया कराया जाएगा और यह फ्यूल मैनेजमेंट में आपकी मदद भी करेगा.

cashless fuel stations
फास्टलेन और AGS ने HP के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है

इस कंपनी का लक्ष्य मुंबई में 1 लाख फास्टलेन फ्यूल टैग वाले पेट्रोल पंप मुहैया कराने का है. फिलहाल मुंबई में 18 HP-फास्टलेन पंप इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं जो मुंबई, वाशी और थाणे में है और ग्राहकों के लिए इनका उद्घाटन 1 जुलाई 2018 को किया जाएगा. इसके बाद कंपनी पूरे भारत में HPसीएल के 200 पंप्स पर फास्टलेन की सिर्वस उपलब्ध कराएगी. बता दें कि कंपनी ये काम कई पड़ावों में करने वाली है. HP-फास्टलेन फ्यूल सॉल्यूशन ऑनलाइन और ऐप पर उपलब्ध है और इसे एंड्रॉइड और आईओएस प्लैटॉर्म पर इस्तेमाल किया जा सकेगा.

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फिलहाल मुंबई में 18 इल्तेमाल के लाइव HP-फास्टलेन पंप मौजूद हैं

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HP-फास्टलेन इस्तेमाल करने के लिए ग्राहकों को अपना वाहन नंबर एनरोल करना होता है और इसमें रकम डालनी होती है, उसके बाद समय-समय पर इसका इस्तेमाल कर बिना कैश दिए इंधन डलवाया जा सकेगा. इस सर्विस में जैसे ही वाहन पंप पर आएगा, नोज़ल रीडर के ज़रिए उसकी पहचान कर ली जएगी, यह कार कार में लगे RFID टैग से मुमकिन होता है. जैसे ही ग्राहक की पहचान हो जाती है वैसे ही क्लाउड के ज़रिए सिस्टम वाहन में इंधन डालने के लिए तैयार हो जाता है. इसके बाद ड्राइवर को सीधे रोड पर आने की ज़रूरत होती है और कोई कैश नहीं देना पड़ता.

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